क्या साइकिल का आविष्कार 2000 साल पहले ही भारत कर चुका था, 2000 साल पुराने मंदिर में साइकिल की चित्र का क्या है सच

भारतीय संस्कृति काफी पुरानी है पर इस समय सोश्ल मीडिया पर एक विडियो काफी तेजी मे वायरल हो रहा है जिसमे मंदिर मे एक साइकल का चित्र बना हुआ है 2000 साल पुराने मंदिर में साइकिल के चित्र की सच्चाई क्या है? क्या साइकिल का आविष्कार 2000 साल पहले ही भारत कर चुका था?

मंदिर मे साइकल का चित्र

तमिलनाडु में प्राचीन पंचवर्णास्वामी मंदिर में आज के समय की साइकिल की नक्काशी मिलने की खबर ने इन दिनों सनसनी मचा रखी है। प्रवीण मोहन ने कुछ दिन पहले एक वीडियो सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि दो हजार साल पुराने पंचवर्णास्वामी मंदिर की एक दीवार पर साइकिल पर बैठे एक व्यक्ति की नक्काशी मिली है।
इतिहासकारों के अनुसार साइकिल का आविष्कार आज से करीब 200 साल पहले हुई थी, इसलिए इस प्राचीन शिव मंदिर में मौजूद यह साइकिल की कलाकृति एक भविष्यवाणी के रूप में देखी जा रही है। माना जा रहा है कि आज से 2000 साल पहले ही साइकिल जैसे कई वाहनों के आने की भविष्यवाणी कर दी गई थी। हालांकि, कुछ लोग इसे सिर्फ एक अफवाज मान रहे हैं।

कुछ सालों पहले एक गदा जिसे क्रेन ने उठाया हुआ था, उसकी फोटो ये कह के शेयर की जा रही थी कि श्रीलंका में खुदाई के दौरान हनुमान जी की गदा मिली है, लोगों ने तो उस फ़ोटो का Print-out निकलवा के मन्दिर में भी रख दिया था…
 लेकिन वो फ़ोटो कहीं पर भगवान हनुमान जी की विशालकाय मूर्ति के निर्माण के समय की थी…

इतिहासकार डॉ. कालिकोवन ने भी इस बात का जिक्र किया है, जिसका उल्लेख ‘द हिंदू’ में जून 2015 में प्रकाशित हुए एक आलेख में मिल जाएगा। कालिकोवन के अनुसार 1920 में पंचवर्णास्वामी मंदिर का नवीनीकरण किया गया था, हो सकता उसी दौरान इस आकृति को बनाया गया हो।

हालांकि, पंचवर्णास्वामी मंदिर में बने साइकिल की नक्काशी के पीछे का सच किसी को भी नहीं पता।

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